राजस्थान के मुख्यमंत्री कौन हैं? Who is the chif minister of rajasthan?

राजस्थान को राजा महाराजाओं की भूमि कहते हैं। भारत का सबसे बड़ा राज्य क्षेत्रफल के आधार पर राजस्थान का क्षेत्रफल 346239 वर्ग किलोमीटर है। राजस्थान राज्य का गठन 7 अप्रैल सन 1949 को हुआ था। जहा पर हमेसा राजस्थानी व हिंदी भाषा बोली जाती है। राजस्थान की राजधानी जयपुर है यह राजस्थान का सबसे बड़ा शहर और इसको पिंक सिटी के नाम से भी जानते हैं। देश में सभी राज्यों में मुख्यमंत्री के पद पर कार्य करना बहुत ही बड़े गौरव प्रसन्नता की बात होती है क्योंकि इतने बड़े पद पर रहकर राज के लोगों के प्रति जिम्मेदारी ईमानदारी कर्तव्यनिष्ठा वाले पद पर रहकर कार्य करना बहुत ही बड़े गौरव की बात होती है आज हम आपको इस पोस्ट के द्वारा ऐसे ही एक राज्य के मुख्यमंत्री के बारे में बताने जा रहे हैं? पोस्ट के माध्यम से राजस्थान में मुख्यमंत्री कौन है उनका कार्यकाल कितने वर्षों तक रहा, उनका राजनीतिक सफर, मुख्यमंत्री पद के कार्य व शक्तियां आदि के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से बताने जा रहे हैं..

राजस्थान के मुख्यमंत्री कौन हैं? Who is the chif minister of rajasthan?

मुख्यमंत्री कौन होता है?

भारत के संविधान की धारा अनुच्छेद 164 में यह वर्णन किया गया है कि जो हमारे देश के सभी राज्य और उनके मुख्यमंत्री की नियुक्ति और उनके पद की शपथ राजपाल के द्वारा होती है। जनता के द्वारा विधायकों के रूप में उनके मनपसंद विधायकों को चुनकर ही मुख्यमंत्री की नियुक्ति होती है। मुख्यमंत्री जी का पद बड़ा जिम्मेदारी भरा और कर्तव्य निष्ठा ईमानदारी का होता है इस पद में एक बार अपनी मर्यादा में रहकर लोगों का विश्वास जीतना होता है।

राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन है?

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत है, तथा सचिन पायलट राजस्थान के राजस्थान में मुख्यमंत्री के पद पर अशोक गहलोत दो बार चुके हैं सन 2018 में राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की बहुत बड़ी जीत के बाद राजस्थान के तीसरी बार मंत्री के पद पर अशोक है अपनी साधारण जीवन शैली और जनता के साथ बिना कारण राजस्थान गांधी के नाम से अशोक गहलोत डाले जाते हैं।

अशोक गहलोत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री के पद के लिए 17 दिसंबर 2018 को शपथ ली। अशोक गहलोत केंद्र सरकार में भी मंत्री के पद पर रह चुके हैं। अशोक गहलोत राजस्थान के चौथे ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिनको सबसे अधिक मुख्यमंत्री बनने का गौरव प्राप्त हुआ है। Also Read: भारत के राष्ट्रपति कौन हैं? Who is the president of india?

अशोक गहलोत का व्यक्तिगत जीवन

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का जन्म 3 मई 1951 जोधपुर राजस्थान में हुआ था। उनके पिता का नाम बाबू लखन सिंह गहलोत था। इनके पिता हमारे देश के बहुत बड़े जादूगर थे। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जोधपुर से कि उसके बाद उन्होंने स्नातक बीएससी एलएलबी की पढ़ाई को पूरा किया इसके बाद इनका विवाह श्रीमती सुनीता गहलोत के साथ हुआ उनके एक पुत्र वैभव गहलोत और पुत्री सोनिया गहलोत है।

अशोक गहलोत का राजनीतिक सफर

1. अशोक गहलोत अपनी युवावस्था से ही कांग्रेस पार्टी के साथ में सन 1973-74 से 1979 तक कांग्रेस के एनएसयूआई राजस्थान यूनिवर्सिटी अध्यक्ष के पद पर रहे।

2. इसके बाद सन् 1980 में जो दूर निकल चुके थे इसलिए ताकि लोकसभा के लिए यह साल तक के रूप में चुने गए फिर 8वीं 10वीं 11वीं 12वीं लोकसभा के सदस्य के पद पर भी रहे

3 अशोक गहलोत लोकसभा की पब्लिक अकाउंट्स कमिटी के सदस्य सन 1980-82 तक रहे थे।

4. अशोक गहलोत को पहली बार केंद्रीय मंत्री बनने का मौका सन 1982 में केंद्रीय उद्योग मंत्री और पर्यटक विभाग की नियुक्ति रूप में मिला था।

5 अशोक गहलोत को राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में पहली बार 1 दिसंबर सन 1998 दूसरी बार 13 दिसंबर 2008 को और तीसरी बार सन् 2018 में 14 मुख्यमंत्री के रूप में चुना गया है।

6. अशोक गहलोत के कांग्रेस में से लंबे समय के योगदान के चलते हुए सन् 2017 में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी का भी कार्यभार संभाला था।

मुख्यमंत्री का राज्य में सही दर्जा

दोस्तों हमारे देश में इस तरह से केंद्र सरकार को पूरी तरह से बनाने के लिए प्रधानमंत्री की नियुक्ति की जाती है।यही प्रक्रिया राज्यों में भी लागू होती है, राज्यों में अच्छे मुख्यमंत्री का गठन करने के लिए चुनाव के द्वारा जनता के माध्यम से विधायकों का गठन करके सही मुख्यमंत्री की नियुक्ति होती है। सभी राज्यों में राज्य का पूरा भार व दायित्व  मुख्यमंत्री पर ही होता है, क्योंकि वह अपने राज्य के सभी गंभीर समस्याओं को केंद्र सरकार के पास में लेकर जाता है। कुछ समस्याओं के समाधान के लिए तो केंद्र सरकार से परामर्श भी लेता है, क्योंकि हमारे देश में जो भी कानून बनाए जाते हैं। वह केंद्र सरकार के द्वारा ही बनाए जाते हैं सलाह लेना बहुत जरूरी होता है।

मुख्यमंत्री पद के लिए योग्यता

हमारे देश में भारतीय संविधान के अंतर्गत किसी भी मंत्री पद के लिए किसी भी तरह की कोई ज्यादा योग्यता का होना जरूरी नहीं होता है। हमारे भारत के संविधान में सिर्फ इतना बताया गया है कि विधानसभा के सदस्य का साक्षर होना जरूरी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री पद के लिए 5 साल का कार्यकाल होता है सभी मंत्रियों का भी पात्रता ही कार्यकाल होता है।

Conclusion

दोस्तों आज हमने इस पोस्ट के द्वारा आपको राजस्थान राज्य के मुख्यमंत्री के बारे में बताया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के कार्य व शक्तियां इन सभी के बारें में भी बताया है। उम्मीद आपको हमारे द्वारा दी गई सभी जानकारी पसंद आई होगी। इससे जुड़ी हुई अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए आप हमारे कमेंट सेक्शन में जाकर कमेंट करके पूछ सकते हैं।

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